16 May 2026
सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, बाबूगढ़ विकासनगर, जनपद देहरादून में अखिल भारतीय साहित्य परिषद् उत्तराखण्ड द्वारा ‘लोक साहित्य की वैश्विक दृष्टि: आत्मबोध से विश्वबोध’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखण्ड के प्रान्त प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र जी ने मुख्य अतिथि और अखिल भारतीय साहित्य परिषद् उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री सौरभ पाण्डेय जी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य विषय ‘लोक साहित्य की वैश्विक दृष्टि: आत्मबोध से विश्वबोध’ पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने विस्तार से बताया कि हमारी लोक परंपराएं और लोक कथाएं केवल क्षेत्रीय मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमें अपनी जड़ों की पहचान यानी आत्मबोध कराती हैं। जब हम अपनी संस्कृति को गहराई से समझ लेते हैं, तभी हम वैश्विक स्तर पर पूरी मानवता के कल्याण यानी विश्वबोध का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। लोक साहित्य ही वास्तव में वसुधैव कुटुंबकम् की भावना का असली संवाहक है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्तागणों के रूप में वरिष्ठ पत्रकार श्री राकेश खत्री जी, प्रख्यात साहित्यकार श्री जितेन्द्र जोशी जी एवं सुप्रसिद्ध रंगमंच कर्मी डॉ. नंदलाल भारती जी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज बाबूगढ़ के विद्वान प्रधानाचार्य श्री कलीराम भट्ट जी द्वारा की गई और संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संयोजन लोक साहित्य आयाम प्रमुख श्रीमती रेखा खत्री रौथान जी ने किया। इस भव्य वैचारिक उत्सव में भारी संख्या में प्रतिष्ठित शिक्षाविद, शोधार्थी, प्रबुद्ध साहित्यकार और मातृशक्ति उपस्थित रही, जिन्होंने अपने वैचारिक आदान-प्रदान से इस विमर्श को और अधिक जीवंत बनाया।












