01 Jun 2025
सामाजिक परिवर्तन के पांच सोपान
एक आदर्श समाज व राष्ट्र की अवधारणा के लिए प्रत्येक नागरिक के व्यवहार में जीवन के सभी आयाम में कुछ मौलिक बातें स्थाई होना आवश्यक है जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पंच परिवर्तन के रूप में सामने रखा।
1. कुटुंब प्रबोधन: परिवार संस्कार, सेवा, सामूहिकता का केंद्र रहा है।
-सारे कुटुंब का समय पर सामूहिक भोजन।
– नियमित रूप से अपने पूर्वजों, मान्यताओं, बोली-भाषा, साहित्य की चर्चा।
– विवाह, जन्मोत्सव, वार्षिक उत्सव इत्यादि में मंगलवेश, भारतीय परंपरा।
– राष्ट्र के विषय में वार्ता व मंथन।
– कुटुंब मित्र बनाना।
भारत के समाज रचना में जातीय विषमता, अस्पृश्यता, भेदभाव कब कैसे आ गए, किंतु इससे समाज व राष्ट्र को बहुत हानि हुई है। यह अमानवीयता पूरी तरह समाप्त करने का पूर्ण प्रयास हमारे मन मस्तिष्क में रहे इस पर सहजता से एकनिष्ठ भावना से सभी जातिय समूहों से सहज मित्रता, परिवार में आवागमन, जलपान, समारोहों में निमंत्रण कर समर्थ समाज का निर्माण।
3. पर्यावरण :
पानी का संरक्षण सही और सार्थक उपयोग।
-पेड़-पौधे हरित घर की कल्पना, वृक्षारोपण का अभियान और वृक्षों की देखभाल।
• सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग ना हो, कपड़े का थैला, मिट्टी व अन्य पारंपरिक उपयोग की वस्तुएं।
राष्ट्र समाज धर्म के अपने मूल्यों के प्रति स्वाभिमान,अपने इतिहास के श्रेष्ठाताओं, ज्ञान, शिक्षा, विज्ञान का बोध और उनके प्रति श्रद्धा।
• स्वदेशी का हरसंभव प्रयोग करने का उपक्रम।
भारत के संविधान, ध्वज व मूल्यों के प्रति पूर्ण निष्ठा
• कर्तव्य व कानून पालन की प्रतिबद्धता












