26 Apr 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा से संचालित उत्तरांचल दैवी आपदा पीड़ित सहायता समिति द्वारा उत्तराखंड के दुर्गम एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में वंचित एवं अभावग्रस्त बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संचालित 5 छात्रावासों का शैक्षिक परिणाम वर्ष 2025–26 में शत-प्रतिशत रहा है। यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि उन कठिन परिस्थितियों पर विजय का प्रतीक है जिनमें ये बच्चे अध्ययन कर रहे हैं।
समिति द्वारा संचालित इन छात्रावासों में इस वर्ष कुल 44 छात्रों ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में सहभागिता की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल स्तर पर 33 छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें 13 ने प्रथम श्रेणी, 17 ने द्वितीय श्रेणी तथा 3 ने तृतीय श्रेणी में सफलता प्राप्त की। इसी प्रकार इंटरमीडिएट स्तर पर 11 छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें 7 ने प्रथम श्रेणी, 4 ने द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण होकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि अनेक विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

इन छात्रावासों का संचालन उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग एवं अन्य पर्वतीय अंचलों के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में किया जा रहा है, जहाँ शिक्षा की मूलभूत सुविधाएँ भी सीमित हैं। ऐसे में यह परिणाम न केवल विद्यार्थियों की मेहनत, बल्कि शिक्षकों एवं प्रबंधन के समर्पण का भी प्रमाण है।
समिति के महामंत्री श्री राकेश बडोनी ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “इन बच्चों की सफलता यह दर्शाती है कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले तो पर्वतीय क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चे किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं। हमारा प्रयास केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि इन बच्चों में आत्मविश्वास, संस्कार और राष्ट्रभावना का विकास करना भी है। समिति भविष्य में भी ऐसे छात्रावासों के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग तक शिक्षा की रोशनी पहुँचाने के अपने प्रयासों को और सशक्त बनाएगी, ताकि उत्तराखंड के दूरस्थ अंचलों के बच्चे भी मुख्यधारा से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दे सकें।”
यह शत-प्रतिशत परिणाम समाज के सहयोग, स्वयंसेवकों की निष्ठा और विद्यार्थियों के परिश्रम का सामूहिक उत्सव है।












