28 Nov 2025
युवाओं के ज्ञान, तकनीक और शक्ति से ही होगा राष्ट्र का उत्थान – वैज्ञानिक एस. सोमनाथ
28 नवम्बर परेड ग्राउंड देहरादून में अस्थायी रूप से बसाए गए भगवान बिरसा मुंडा नगर के जनरल विपिन रावत सभागार में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस सोमनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा किसी भी राष्ट्र का उत्थान तभी संभव है जब उसकी युवा पीढ़ी ज्ञान, तकनीक और निडर शक्ति से सम्पन्न हो। आज के युवाओं को देखकर हर्ष होता है, प्रत्येक युवा न केवल वर्तमान का ध्वजवाहक है बल्कि भविष्य का आधार स्तंभ भी है। यह एक आंदोलन है, एक मिशन है और इसी महत्वपूर्ण परिस्थिति में एबीवीपी उभरकर सामने आती है। युवा का संकल्प ही राष्ट्र का स्वरूप गढ़ता है। हम एक ऐसी वैश्विक तकनीकी शक्ति हैं जिसकी सभ्यता अपनी संस्कृति में गहराई से निहित है। आज विश्व कह रहा है कि भारत 21वीं सदी का नेतृत्व कर रहा है और हम कह रहे हैं कि हमारा समय आ गया है।

उन्होंने कहा, भारत की 25 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या युवा है, यह हमारे लिए एक सांस्कृतिक वरदान है। जब युवा दृढ़ होकर खड़े होते हैं तो इतिहास की दिशा बदल जाती है। आप वही पीढ़ी हैं जो भारत का भविष्य लिखेगी। हमारे यहां विज्ञान और अध्यात्म साथ-साथ ज्ञान, संस्कार और सेवा के आधार पर चलते हैं। चंद्रयान-3 के माध्यम से दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला भारत पहला राष्ट्र बना और ऐसे बहुत से मिशनों में हम विश्व को राह दिखा रहे हैं। आज अंतरिक्ष में भी भारत स्पष्ट कह रहा है कि अब हमारा समय है। बिना भय के नवाचार कीजिए, यही आपका धर्म है। हमें प्रतिदिन स्वयं से प्रश्न करना चाहिए कि हम राष्ट्र के लिए और उसकी एकता बनाए रखने के लिए क्या कर रहे हैं। भारत एक है और इसे एक रूप में बनाए रखना युवाओं की जिम्मेदारी है। जब हर हाथ में हुनर होगा, हर मन में विश्वास होगा और हर दिल में भारत होगा, वास्तविकता में वही विकसित भारत होगा। इस मौके पर एबीवीपी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. रघुराज किशोर तिवारी, स्वागत समिति के अध्यक्ष व ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. कमल घनशाला समेत संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वर्तमान में एबीवीपी विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध है। छात्र राजनीति में शिक्षा के क्षेत्र में इस संगठन के नाम अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज हैं। अभाविप को स्थापित हुए 76 वर्ष हो चुके हैं और आज इस संगठन से 55 लाख से अधिक छात्र जुड़े हुए हैं। इन बीते वर्षों की इसकी गौरवशाली यात्रा पर इस अवसर पर पुनः विमर्श होना आवश्यक है।












