12 Feb 2026
देवभूमि के नन्हें प्रहरी
नन्हें-प्यारे कदम हमारे, सपने बड़े महान हैं,
हम ही कल के भारत की, असली पहचान हैं।
जैसे पाथर पाथर जुड़कर, महल खड़ा हो जाता है,
वैसे ही हर बच्चा मिलकर, देश महान बनाता है।
हिमगिरी की इन चोटियों से, हमने सीखा तनना है,
पावन गंगा की लहरों सा, अविरल हमको चलना है।
खूब पढ़ेंगे, खूब लिखेंगे, सच की राह चलेंगे हम,
ऊँच-नीच का भेद मिटाकर, आगे बढ़ते रहेंगे हम।
सत्य अपनी पूँजी, मेहनत अपना हथियार है,
राष्ट्र निर्माण की खातिर देखो, आज बचपन तैयार है।
गंदगी को हम दूर भगाएं, पेड़ लगाएं ढेरों-ढेर,
पानी की हम रक्षा करेंगे, अब न करेंगे ज़रा भी देर।
बुराइयों को दूर भगाकर, नेक राह अपनाएंगे,
अपने प्यारे उत्तराखंड का, जग में मान बढ़ाएंगे।
छोटा-छोटा कदम हमारा, कल बड़ा रंग लाएगा,
प्यारा भारत देश हमारा, फिर ‘विश्व गुरु’ कहलाएगा।

प्रदीप आनन्द ‘अल्पभाषी’











