26 Apr 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने PM नरेंद्र मोदी को संघ का ‘अच्छा’ प्रतिनिधि बताया है। एक समाचार एजेंसी से चर्चा में उन्होंने भाजपा और संघ के रिश्तों की गहराई और आगामी 25 वर्षों के लिए ‘पंच परिवर्तन’ के विजन पर विस्तार से बात की।
नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने एक समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) से चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघ के एक ‘सच्चे और अच्छे’ प्रतिनिधि हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और संगठन के बीच गहरा वैचारिक तालमेल है और भाजपा के साथ संघ के रिश्तों को कोई डिस्टर्ब नहीं कर सकता।
PM मोदी का काम करने का ढंग यूनिक
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं एक स्वयंसेवक हैं और वह नैसर्गिक रूप से वैचारिक कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा- “नरेंद्र मोदी जी संघ के अच्छे प्रतिनिधि हैं। उनकी भाषा या शब्द अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका संदेश संघ के विचार से अलग नहीं होता। उनका अपना एक यूनिक स्टाइल है, जिसके जरिए वह विचारधारा को आगे बढ़ाते हैं।”
सरकार्यवाह जी ने उदाहरण देते हुए बताया कि जब संघ (RSS) ने पेड़ लगाने की अपील की, तो पीएम मोदी ने उसे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के रूप में जन-आंदोलन बना दिया।
उन्होंने कहा कि विकास की कई सरकारी योजनाओं में आरएसएस की वैचारिक झलक साफ दिखाई देती है।
‘पंच परिवर्तन’ और ‘पंच प्रण’ का तालमेल
सरकार्यवाह जी ने बताया कि संघ ने अगले 25 वर्षों के लिए जिस ‘पंच परिवर्तन’ पर ध्यान केंद्रित किया है। जिसमे सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति, नागरिक कर्तव्य और पारिवारिक मूल्यों को बचाना शामिल है।
पीएम मोदी ने भी लाल किले की प्राचीर से उसी ‘पंच प्रण’ की बात की थी, जो संघ के इसी दृष्टिकोण के अनुरूप है। जब संघ के शताब्दी वर्ष पर सिक्का और डाक टिकट जारी हुआ, तब भी पीएम मोदी ने कहा था कि संघ का दिखाया रास्ता ही भारत का मार्ग है।
“भाजपा और संघ के रिश्ते को नहीं किया जा सकता डिस्टर्ब”
भाजपा और आरएसएस के संबंधों पर उठने वाले सवालों को विराम देते हुए सरकार्यवाह जी ने कहा कि 1980 में भाजपा के गठन के समय ही इसके संस्थापकों ने यह सुनिश्चित किया था कि संघ से उनका रिश्ता बना रहे।
अटूट संबंध : भाजपा के संस्थापक सदस्य चाहते थे कि आरएसएस से संबंध अटूट रहें, इसीलिए वे जनता पार्टी से अलग हुए और भाजपा बनाई।
स्पष्ट संदेश : सरकार्यवाह जी के मुताबिक, आरएसएस और भाजपा के संबंधों में कोई दरार नहीं है और इसे कोई भी शक्ति विचलित नहीं कर सकती।
उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी देश के चुने हुए प्रधानसेवक होने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहरे जुड़े हैं। वह संगठन को बहुत अच्छे से जानते हैं और संघ के विचारों को देश और दुनिया के सामने मजबूती से रख रहे हैं।
शताब्दी वर्ष का लक्ष्य
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने दोहराया कि संघ का लक्ष्य समाज को एकजुट करना और नागरिकों में कर्तव्य बोध जगाना है।












