23 Jul 2025
‘फिलॉसोफी एंड एक्शन आफॅ आरएसस फॉर हिन्द स्वराज’का विमोचन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर पुनः प्रकाशित पुस्तक के संस्करण ‘फिलॉसोफी एंड एक्शन ऑफ आरएसएस फॉर हिन्द स्वराज’ का आईआरडीटी सभागार में समारोह पूर्वक विमोचन किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, राष्ट्रवादी चिंतक व ‘प्रज्ञा प्रवाह’ विशिष्ट वैचारिक मंच के संयोजक जे. नंदकुमार एवं प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामय उपस्थिति रही।
संघ पर पुनः प्रकाशित पुस्तक के संस्करण फिलॉसोफी एंड एक्शन ऑफ आर.एस.एस फॉर हिन्द स्वराज के विमोचन के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह माननीय दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में महात्मा गांधी का हिंदवीं सुराज की परिकल्पना को नेहरू ने म्यूजियम में भेज दिया।
दत्तात्रेय जी होसबाले ने विमोचित पुस्तक हिन्दू स्वराज विषय में जानकारी देते हुए बताया कि इस पुस्तक को संघ के पच्च्चीस वर्ष पूरे होने हिंद पर प्रकाशित करने का विचार आया था, उस समय इस पुस्तक के लेखक पादरी एंथोनी ने संघ को भविष्य भारत के निर्माण में राष्ट्रवादी संगठन के रूप में संघ को देश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने वाला, समाज सेवा करने वाला संगठन बताया था। संघ के पच्चीस वर्ष पूर्ण होने पर उस समय संघ का केवल एक मात्र सहयोगी संगठन विद्यार्थी परिषद का गठन हो पाया था।


सरकार्यवाह ने कहा कि यह विमोचित पुस्तक केवल संघ के प्रचार मात्र के लिए नहीं है बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा को समझने की एक कृति है जो कि एक ईसाई व्यक्ति द्वारा जो संघ का स्वयंसेवक भी नहीं था उस समय उसके द्वारा भारत के उत्थान के लिए काम करने वाले संगठन के लिए की गई एक भविष्यवाणी है जो इस पुस्तक में दर्ज हुई है।
विमोचित पुस्तक हिंद सुराज का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह माननीय दत्तात्रेय होशबोले जी ने कहा मूलतः ये गांधी जी परिकल्पना थी और उन्होंने इसके बारे में नेहरू को पत्र लिखा था कि आजाद भारत का विकास हिंद सुराज के सिद्धांत पर होना चाहिए जिसके जवाब में था नेहरू ने लिखा था कि मैंने इसे पहले पढ़ा वो तब भी मुझे बेतुका लगा था, इसके बाद सुराज भारत के म्यूजियम में चला गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह पुस्तक हमारी आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रारंभिक संघर्षों, त्याग और तपस्या से परिचित कराते हुए उन्हें वैचारिक परंपरा और कार्यशैली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।’

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा स्कूली शिक्षा में रामायण व श्रीमद्भागवत गीता का पाठ शुरू करवाने के साथ ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने, उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने, धर्मातरण विरोधी और सख्त दंगारोधी कानूनों को लागू करने, लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद के खिलाफ सरकार की योजनाओं की भी जानकारी दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है।
प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक जे. नन्द कुमार रने ने फिलॉस्फी एंड एक्शन ऑफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ फॉर द हिंद सुराज पुस्तक की प्रस्तावना की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 2025 में 100 वर्ष पूर्ण होने पर अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है, फिलॉस्फी एंड एक्शन ऑफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ फॉर द हिंद सुराज पुस्तक जब लिखी जा रही होंगी तब शायद संघ का देश में एक छोटा सा स्वरूप रहा होगा और उस समय जब देश आजादी के बाद देश का विभाजन हुआ, उस दौरान जो भी इस देश में हुआ उसमें संघ के द्वारा देखी अथवा महसूस की गई सेवाओं को देखते हुए लेखक एंथोनी ने भविष्य के भारत को संघ के हाथों में सुरक्षित बताया। उन्होंने कहा कि देश में आज जिस भूमिका में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है इसके बारे में लेखक ने कई विषय पूर्व में लिख दिए थे, इसलिए ये पुस्तक पुनः प्रकाशित किए जाने पर विचार किया गया।












